नवजात शिशु की मालिश करने के तरीके और फायदे

बच्चे के जन्म के कुछ दिनों के बाद से ही डॉक्टर बच्चे की मालिश करने की सलाह देते है क्योकि ऐसा करने से बच्चे को शारीरिक पोषण मिलता है । ऐसा करने से बच्चे तन्दरुस्त बनने के साथ एक्टिव भी बनते है और उन्हें अच्छी नींद भी आती है । बच्चे की मालिश करने से उसका संबंध भी माँ के साथ गहरा होता है ।

मालिश कब और कैसे करे :

ऐसा कहा जाता है कि बच्चे के जन्म के पहले 15 दिन त्वचा विकसित होती है उसके बाद ही उसकी मालिश शुरु करनी चाहिए । आप जब भी बच्चे की मालिश करे उससे पहले उसके शरीर को  हल्के हाथों से जरूर सहलाए । इससे बच्चे को ख़ुशी का एहसास होगा और वह एक्टिव बनेगा और आपके साथ मालिश में खुद को शामिल करेगा । आप बच्चे की मालिश किसी भी तेल ,मासट्राईज़र या क्रीम से कर सकती है । आप को बच्चे की मालिश बहुत ही हल्के हाथों से करनी है बिल्कुल भी जोर से न करे । ऐसा करने से बच्चे की त्वचा को नुकसान भी हो सकता है । आपको बच्चे की छाती ,पीठ ,पेट ,हाथों और टाँगों पर अच्छे से मालिश करनी है ।

शिशु की मालिश की तैयारी :

  • शिशु की मालिश करते समय अपने पास तौलिया जरूर रखे ।
  • जिस कमरे में भी बच्चे की मालिश करे उस कमरे का तापमान बिलकुल ठीक होना चाहिए । ज़्यादा गर्मी या ठंडी जगह होने पर बच्चा चिड़चिड़ा भी हो सकता है ।
  • कमरे में रोशनी की व्यवस्था जरूर करे ।
  • बच्चे की मालिश करते समय पंखा ,कूलर या एसी कुछ भी चालू न करे । इससे बच्चे को हवा लग सकती है और बच्चा बीमार भी हो सकता है ।
  • पहले बच्चे के सारे कपड़े उतार ले फिर मालिश शुरू करे ।

सही तरीका मालिश का :

  • सबसे पहले अपने हाथ में तेल लेकर बच्चे के पेट पर और कान के पीछे हल्के हाथों से मालिश करे । मालिश करते समय बच्चे की बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दे । हो सकता है पहले २- 4 दिन बच्चा असहजता जाहिर करे । पर आप घबराएँ नहीं यह बच्चे के लिए नया अनुभव है । धीरे धीरे बच्चे को इसकी आदत हो जाएगी और वो भी मालिश करवाते समय खुश होगा ।
  • अब धीरे धीरे आप बच्चे के पैरों की मालिश करे पहले आप उसके पैरों के तलवे रगड़े । फिर पैरों की उंगलियों से लेकर अँगूठे और एड़ियों की मालिश करे आप नीचे से ऊपर की तरफ़ गोल गोल घेरे के रूप में मालिश करे । मालिश के समय इस बात का खास ध्यान रखे कि बच्चे की उंगलियों को बिलकुल भी खिचांव न पड़े और न ही आप खींचे आप धीरे धीरे अँगूठे पर भी मालिश करते हुए जाँघो की तरफ जाये और दिल से लेकर पैरों तक हल्के हाथो से मालिश करे । 
  • अब आप धीरे धीरे बच्चे के हाथ पकड़ कर उसकी मालिश शुरू करे । सबसे पहले उसकी उंगलियों से शुरू करते हुए उसकी बाजुओं तक जाये और फिर आप धीरे धीरे कलाई को गोल घुमाये और पीछे की तरफ से भी मालिश करे पर ध्यान रखे कि बच्चे की बाजू में खिचांव नहीं आना चाहिए बहुत ही ध्यान से धीरे धीरे मालिश करे ।
  • अब आप धीरे धीरे बच्चे की छाती और कँधे पर मालिश करे । पहले सीने से पीछे की तरफ जाये और हल्के हाथों से कंधो को सहलाये ।
  • अब आप बच्चे के पेट पर मालिश करे यहाँ बहुत ही नाजुक तरीके  से मालिश करे क्योकि यह सबसे ज़्यादा कोमल होता है इसलिए बच्चे के पेट पर दबाव न देते हुए बच्चे की नाभि के ऊपर हल्के  हाथों से गोल- गोल कर के मालिश करे । 
  • आप बच्चे के चेहरे और सिर की मालिश भी जरूर करे । पहले उसके गालों पर हल्के हाथों से मालिश करे फिर उसके सिर की मालिश करे और धीरे से उसे उल्टा लिटा कर उसकी पीठ पर भी मालिश करे । आप पीठ से शुरू करते हुए नीचे टाँगों की तरफ़ जाए  ऐसा करने से बच्चे का शरीर तंदरुस्त और मजबूत बनेगा और बच्चे के शरीर में अंदरूनी ताकत आएगी ।

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