ट्विन प्रैग्नेंसी की परेशानियाँ ,कारण, लक्षण और टिपस

ट्विन प्रैगनेैंसी का मतलब है गर्भ में एक साथ दो बच्चो का पलना। इसका भाव यह है कि गर्भावस्था एक बहुत ही नाज़ुक समय है। पर जब बात दो एक साथ बच्चो की हो तो ध्यान रखना और ज़्यादा जरूरी हो जाता है ।

क्या करना चाहिए ऐसे समय में

  • सबसे पहले तो आपको कम से कम रोज़ाना 600 कैलोरीज जरूर लेनी चाहिए। यह कैलोरीज एक बच्चे से ज़्यादा है क्योकि इस समय आपको हर चीज़ दुगुनी लेने की आवश्यकता है।
  • इन दिनों आपकी मॉर्निंग सिकनेस और ब्रैस्ट टैंडरनेस भी डबल हो जाएगी तो खुद का बहुत ज़्यादा ध्यान रखे।
  • ट्विन प्रेगनेंसी में दो प्लेसेंटा होने की वजह से प्रसव जल्दी होने का खतरा होता है । इसलिए आप 37 वे हफ्ते तक खुद को डिलीवरी के लिए तैयार रखे।
  • जुड़वाँ बच्चो के होने पर आपको ब्लीडिंग और स्पॉटिंग भी ज़्यादा होगी। इसलिए घबराये नहीं और ज़्यादा परेशानी होने पर अपने डॉक्टर से सम्पर्क करे।
  • इन दिनो आपको बहुत ज़्यादा भूख लगेगी। इसलिए थोड़ी -थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाते रहे । खुद को बिलकुल भूखा न रहने दे। यह आपके बच्चो के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
  • ऐसे में आपको अधिक पेट में दर्द भी रह सकता है।
  • इस समय दो बच्चो की वजह से आपका वजन भी बढ़ सकता है।
  • जुड़वाँ बच्चे होने की वजह से अब आपको गर्भावस्था में अधिक थकान होगी और तनाव भी बढ़ जाएगा।
  • जुड़वाँ बच्चे होने पर गर्भ में बच्चों की हलचल और गतिविधियाँ बहुत बढ़ जाती है और यह समय से पहले भी होने लगती है।
  • दो बच्चों के भार पड़ने की वजह से अब आपके गर्भाशय पर अधिक खिचांव महसूस होगा और आपको पेट के निचले हिस्से में अधिक दर्द भी रह सकती है।
  • जुड़वाँ बच्चो की वजह से आपको पीठ में दर्द भी अधिक झेलनी होगी।
  • जुड़वाँ बच्चो के होने की वजह से आप गर्भ में दो धड़कने सुन सकती है।
  • जुड़वाँ बच्चो की वजह से अब आपको चलने में बहुत ज़्यादा असहजता होगी और आपके पैरो में सूजन और दर्द भी बहुत बढ़ जाएगा।

कुछ कंडीशंस जिन वजह से पैदा होते है जुड़वाँ बच्चे :

  • जुड़वाँ बच्चो का होना जेनेटिक भी हो सकता है कि अगर आपके परिवार में पहले भी जुड़वाँ बच्चे हो तो आपको भी हो सकते है।
  • जुड़वाँ बच्चों का होना आपके हाइट और वेट पर भी डिपैंड करता है।
  • गर्भनिरोधक गोलियाँ खाते -खाते छोड़ देने से भी जुड़वाँ बच्चे पैदा होते है।
  • कई बार ज़्यादा उम्र मे गर्भ धारण करने पर भी जुड़वाँ बच्चे हो सकते है।
  • अगर आपने आईवीएफ की सहायता से गर्भ धारण किया है तो भी जुड़वाँ बच्चे होने की सम्भावना बढ़ सकती है।
  • अगर महिलाओं में एचसीजीसी की मात्रा अधिक हो तो भी जुड़वाँ बच्चे हो सकते है।
  • अगर ओवुलेशन के दौरान महिलाएं एगस में से ज़्यादा अंडे उत्पादन करे तो भी जुड़वाँ बच्चे हो सकते है।
  • इस समय आपकी सी सेक्शन की उम्मीद ज़्यादा होती और नार्मल की नहीं।

क्या खाये इन दिनों :

  • आप सभी विटामिन्स के साथ -साथ भरपूर मात्रा में फोलिक एसिड ले। अवोकेडो ,पालक और ब्रॉक्ली भी जरूर ले।
  • दूध और दूध से बनी चीज़ें जरूर ले।
  • इस समय जिमीकन्द खाना बहुत फायदेमंद माना गया है।
  • इस समय ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिए। खुद को पूरी तरह हाइड्रेट रखे। बिलकुल भी पानी की कमी न होने दे।
  • साँसो वाला व्यायाम जरूर करे। इससे आप तनाव रहित रहेंगी और मन प्रसन रहेगा।
  • इस समय सिट्रस फ्रूट्स जरूर ले। संतरा और कीवी भी बहुत फ़ायदेमंद रहेगा।
  • दिन में थोड़े से सूखे मेवे भी ले। इसमें मैग्नीशियम और पोटाशियम होता है जो शरीर के लिए काफी अच्छा है।
  • हरी पत्तेदार सब्जियाँ जरूर खाये।
  • मीठा खाने से बचे।
  • शराब और धूम्रपान न करे।
  • अपनी खुराक में हल्दी जरूर शामिल करे। यह एंटीबायोटिक होती है जो आपके और आपके बच्चों के लिए बहुत अच्छी है।

 

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