डायलिसिस-कारण ,प्रभाव और तरीका

डायलिसिस से भाव है कि जब हमारी किडनी अपना कार्य ठीक से नहीं कर पाती यानि रक्त के इलावा पानी और अन्य पदार्थ निकलने बंद करदे तो उसे डायलिसिस की मदद से किडनी को साफ करवाया जाता है । किडनी यूरिन के रूप में हमारे शरीर में अतिरिक्त पदार्थो को निकालती है । जब किडनी में किसी कारणवश कोई परेशानी आ जाए और वो यह काम करने में असमर्थ हो रही हो तो शरीर को ठीक रखने के लिए रक्त में से इन अन्य पदार्थों को निकलने के लिए डायलिसिस का सहारा लिया जाता है ।i

क्या मुश्किलें आती है डायलिसिस होने से :

  • मांसपेशियों में ऐंठन होना ।
  • निम्न रक्तचाप हो जाना ।
  • संक्रमण हो जाने ।
  • शरीर में द्रव का बढ़ना ।
  • चलने में तकलीफ होनी ।
  • त्वचा में खुजली होनी ।
  • चिंता बनी रहनी ।
  • मुँह में सूखापन आना ।
  • वजन का बढ़ जाना ।
  • जिस जगह से द्रव आ रहा हो वहाँ पर संक्रमण हो जाना ।
  • पेट की मांसपेशियों का खींचना ।

डायलिसिस के बाद की देखभाल :

  • आप सबसे पहले तो संतुलित आहार ले ।
  • खुद को चिंतामुक्त रखे और खुश रखने का प्रयत्न करे ।
  • ज़्यादा सोचे नहीं ।
  • आप फल और सब्जियाँ जरूर खाये ।
  • बाहर का खाना और मसालेदार भोजन न ले ।
  • आप ज़्यादा पानी न पिए ।
  • बाजार के डिब्बानंद जूस आदि भी न ले ।
  • सादा और स्वच्छ भोजन करे ।
  • खुद को इन्फेक्शन से बचाए ।
  • अपने आसपास साफ सफाई रखे और कोई भी  गन्दी जगह पर न जाए ।
  • आप मांस मछली बिलकुल भी न खाये ।
  • प्रोटीन आदि से युक्त चीज़ें न ले ।
  • ज़्यादा दूध दही न खाये ।
  • अपने रक्तचाप को ठीक रखे ।
  • ज़्यादा नमक और मीठा  न खाए ।
  • आप तम्बाकू और कोई भी नशीले पदार्थों को छुए भी नहीं ।
  • जिनमें खनिज ,पोटाशियम हो उन चीज़ो को न ले ।

 कैसे किया जाता है डायलिसिस :

  • सबसे पहले तो आपके शरीर के रक्त को एक फ़िल्टर में निकाला जाता है जिसे डायलायज़र कहा जाता है और दूसरी और आपको साफ रक्त चढ़ाया जाता है ताकि आपके शरीर के त्तत्वों को छान कर साफ केिया जा  सके ।
  • इसके बाद आपकी बाजू में दो सुइयाँ आपके फिस्ट्यूला में लगाई जाती है जहाँ धमनी और नसें जुडी होती है ।
  • इस भाग को सुन्न किया जाता है ताकि एक सुई में से रक्त निकलता जाए और दूसरी में से चढता जाए ।
  • इस मशीन में  बीपी चैक करने के लिए मोनीटर भी होते है वैसे तो   यह प्रक्रिया दर्दरहित है पर इसके पूरा होने पर व्यक्ति को उलटी भी हो सकती है और मासपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है ।

कुछ फ़ायदेमंद चीज़ें :

  • आप दालचीनी और अरदक की चाय पिए यह पूरिफाइर होती है और प्राकृतिक तरीके से आपको सवस्थ बनाने में मददगार होंगी ।
  • चेरी और क्रैनबेरी हर रूप में फायदेमंद है इनमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को सवस्थ बनाने में मदद करते है और व्यक्ति खुद को तरोरताज़ा महसूस करते है और आपको कई बीमारियों से बचाता है ।
  • आप ताज़ा निकला हुआ जूस पी सकते है आप संतरा और तरबूज काजूस पिए पर इनमें नमक और चीनी न डालें । इसे बिलकुल सादा ले यह बहुत फायदेमंद होता है ।
  • आप नींबू पानी का सेवन भी कर सकते है यह भी बहुत गुणकारी साबित होता है ।
  • हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक सबसे ज़यादा गुणकारी  है क्योकि  यह  हमें ताकत के साथ-साथ हमारी किडनी को डेटॉक्स करती है और हम जल्दी ठीक हो जाते है ।
  • आप पानी भी कम ले और आप लाल अंगूर खाए यह प्राकृतिक तरीके से किडनी की सफाई करता है और आपको सवस्थ बनाये  रखता है ।
  • आप किसी भी रूप में अदरक ले यह आपकी किडनी में से विषैले तत्वों को साफ करता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top