जैस्टेशनल डायबिटीज़ का बच्चे पर प्रभाव और संतुलित खुराक

  • जैस्टेशनल डायबिटीज का मतलब है गर्भावस्था में आपके शरीर में शर्करा का अधिक मात्रा में बढ़ जाना । अगर आपके शरीर में इन्सुलिन हॉर्मोन ठीक से काम न कर रहा हो तो शरीर में ब्लड शुगर बहुत बढ़ जाती है । शरीर में शर्करा बढ़ जाने से आपके और आपके बच्चे पर बहुत प्रभाव हो सकता है ।

इसके लक्षण :

  • थकान महसूस होना।
  • मुँह सूखना।
  • बार -बार पेशाब आना।
  • धुंधला दिखाई देना।
  • बहुत प्यास लगना।
  • शरीर में बीएमआई अधिक होना।
  • जी मिचलाना।
  • योनि और त्वचा में संक्रमण हो जाना।
  • योनि में खारिश और रैशेस ।

इस समय के लिए खान -पीन :

  • इस समय आपको भरपूर मात्रा में फाइबर लेना चाहिए।
  • आपको साबुत अनाज भी लेना चाहिए।
  • फल और हरी पत्तेदार सब्जियाँ जरूर ले।
  • दूध और दही भी ले।
  • मछली ,अंडे और मीट भी जरूर ले ।
  • आप नट्स जरूर ले।
  • कार्बोहाइड्रेट्स से युक्त भोजन जरूर ले ।
  • आप पानी जरूर ले यह आपको हाइडरेट रखेगा।
  • आप तुलसी के पत्ते जरूर ले। आप इसका जूस भी ले सकती है यह मधुमेह में बहुत फायदा करता है ।
  • आप मेथीदाने का चूर्ण बना कर भी इसे पानी के साथ ले सकती है।
  • आप अपने शरीर में ब्लड ग्लूकोस कम करने के लिए रोज़ एक चम्मच दालचीनी चूर्ण भी ले ।
  • ग्रीन टी में पोलीफिनोल्स होते है जो शरीर में ब्लड शुगर को कम करने में सहायता करते है।
  • नीलबदरी के पत्ते शरीर को ग्लूकोस पहुंचाते है और मधुमेह को बेहतर करते है।
  • सहजन के पत्तो को मोरिंगा भी कहते है। इसमें सबसे अधिक मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन पाया जाता है । यह मधुमेह को बेहतर करने और रक्तचाप को ठीक करने में सक्षम है ।
  • अलसी के बीज में भरपूर मात्रा में फैट और शुगर पाया जाता है जो मधुमेह को ठीक रखता है ।
  • गेहूँ के बीजो में रोगनाशक गुण होते है । सुबह शाम गेहूँ के बीजों का रस पीने से मधुमेह फायदेमंद होता है ।
  • करेले में इन्सुलिन पॉलीपेप्टिएड होता है जो ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करता है। आप इसे सब्जी के रूप में या इसका जूस भी ले सकती है। नीम के पत्ते वैसे तो कड़वे होते है पर इसमें गुण बहुत ज़्यादा होते है। मधुमेह वाले अगर नीम के पत्ते खाली पेट खाते है तो काफी हद तक फायदा होता है। आप इसका जूस भी ले सकती है।

क्या न ले :

  • कोल्ड ड्रिंक बिलकुल भी न ले ।
  • कैंडीज और टोफिज़ भी न ले ।
  • ऐसी चीज़ें बिलकुल न खाये जिसमें बहुत तेज़ मीठा हो।
  • जैम और शहद से परहेज करे ।
  • केक और मफिन्स से दूर रहे ।
  • फ़ास्ट फ़ूड बिलकुल भी न ले ।

कुछ जरूरी टिप्स :

  • आपको ऐसे समय पर अपने खाने पीने में भरपूर पोषक तत्व लेने चाहिए । आप वो चीज़ें खाये जो आपको सवस्थ रखे।
  • तला और मसालेदार भोजन से दूर रहे।
  • मीठा और चॉकलेट्स भी न खाये।
  • हल्का व्यायाम जरूर करे। इसमे आप साँसो वाले व्यायाम कर सकते है। आप मैडिटेशन ,जॉगिंग और योग भी कर सकते है।
  • अपना वजन नियंत्रित रखे इसे बढ़ने न दे।
  • अपने रक्त शर्करा पर नज़र बनाये रखे।
  • अपना बीएमआई ठीक रखे।
  • प्रसव के बाद अपने बच्चे की शुगर भी चेक करवाए।
  • बार -बार खुद का चेकअप करवाते रहे क्योकि शुगर के ज़्यादा बढ़ने से आपका गर्भपात भी हो सकता है।
  • अपनी दवाइयाँ समय पर ले अगर आपको इन्सुलिन की सलाह दी गयी हो तो समय पर इंजेक्शन ले।
  • इससे आपको साँसो की तकलीफ भी हो सकती है।
  • आपको समय से पहले प्रसव का खतरा भी हो सकता है।
  • आपके गर्भ में से मृत बच्चे का जन्म भी हो सकता है।
  • आपके बच्चे को भी टाइप २ डायबिटीज होने का खतरा हो सकता है ।

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