अपने बच्चे को कैसे पढने के लिए प्रेरित करे और इंटरेस्टिंग टिप्स

आजकल के बच्चे पढ़ने से भागते हैं और उन्हें पढाना बहुत मुश्किल हो जाता है । खास कर तब जब माँ-बाप कामकाजी हो। तब उनके पास भी इतना समय नहीं होता कि वो बच्चों को पढाने का समय दे सके । ऐसे में बच्चे को खेलने के बहाने पढाना जरूरी होता है ।

  • बच्चे को पढाने के लिए आप चित्र वाली पुस्तकों का इस्तेमाल करे । उसे देखकर बच्चे खुश होंगे और खेल-खेल में सीखने की कोशिश करेंगे ।
  • आप बच्चे को कविताओं वाली पुस्तकें भी दिखाकर कोई पोएम सीखा सकते है या फिर कहानियाँ भी सुना सकते हैं।
  • आजकल बच्चों को पढाने के लिए ३डी अल्फाबैट्स उपलब्ध है ।आप उससे भी बच्चों को दिखा कर सीखा सकते है ।
  • पक्षियों और फल-सब्जियों की तस्वीरें भी दिखा सकते है या आप रंग बिरंगे चार्ट्स भी ला कर बच्चों को पढा सकती है ।
  • आजकल तो ऑनलाइन पढने वाली गेम्स भी आती है उन्हीं गेमस की मदद से भी आप बच्चों सीखा सकती हैं।
  • बच्चों को शुरू -शुरू में पढाई आदि चीज़ों में दिलचस्पी न होने की वजह से थोड़ी पढने में मुश्किल होगी पर उसके लिए आपको बच्चों में पढाई के प्रति रूचि पैदा करनी होगी उन्हें शुरू -शुरू में पढाई का मतलब खेल है यही समझाना होगा ।
  • अगर वो तब भी रूचि नहीं ले रहे तब भी उन्हें बिलकुल भी गुस्सा न करे ।
  • उन्हें प्यार से पढाने की कोशिश करे ।
  • अगर बच्चा किसी दिन पढने में आनाकानी करे तब भी बच्चों को कुछ कहना नहीं चाहिए बल्कि उनके साथ बातें कर के उन्हें खुश करने की कोशिश करनी चाहिए ।
  • आप बच्चों को पार्क में ले जा कर भी पढा सकती हैं वहाँ उसका मन लगेगा और खुली हवा में बच्चे ख़ुशी का अनुभव करेंगे और पढने में भी मन लगाएँगे । वहाँ जा कर बच्चे को खिलाएँ और बातों -बातों में पढा भी ले ।
  • बच्चे को अच्छे से समझने के लिए उसका लर्निंग स्टाइल समझें और उसे प्यार से मोटीवेट करे जैसे उसे समझने में आसानी हो ।
  • आप बच्चे को पढाने के लिए एक शैडयूल बनाये । उसी के हिसाब से बच्चे को पढने की आदत डाले ।
  • बच्चे को दिलचस्पी से पढाये ताकि उसे पढ़ाई का महत्त्व समझ आ जाए और वो ख़ुशी-ख़ुशी पढने को तैयार हो जाये और सब कुछ याद रखने की कोशिश करे ।
  • बच्चे को डाँटे-फटकारे नहीं और उसे कोई भी चीज़ ,गिफट या फिर खिलौने देकर पढाई में लगाने की कोशिश करे ।
  • आप बच्चे को मोटीवेट करने की कोशिश करे । बच्चे के सामने गलत भाषा का प्रयोग न करे ।
  • अक्सर शुरुआत में बच्चे बात नहीं मानते या बहुत ज़्यादा गलतियां भी करते है तो भी पेरैंट्स को बहुत ज़्यादा सब्र से काम लेना चाहिए ।
  • बच्चे को ज़बरदस्ती पढाई में नहीं लगाना चाहिए । उन्हें प्यार और शांति से पढाना चाहिए और अच्छे संस्कार देने चाहिये । ताकि वो सारी ज़िंदगी शुरआत में सिखी हुई अच्छी बातें हमेशा याद रखे ।
  • पेरैंट्स को अपने बच्चों को सवस्थ वातावरण देना चाहिए उनके सामने लड़ाई झगड़े से दूर रहना चाहिए नहीं तो वो सहम जाएँगे और पढाई पर फोकस नहीं कर पाएँगे ।
  • शुरुआत में बच्चे को कम से 15 -20 ही पढने बैठाए । इससे ज़्यादा पढने की आदत धीरे-धीरे कर के डाले ।
  • एकदम से बच्चे को ज़्यादा पढाने से बच्चा पढ़ाई को बोरियत अनुभव करने लगेगा और वो शौक से नहीं पढाई करेगा ।
  • आप बच्चे को नंबर लाने के लिए नहीं बल्कि सीखने के लिए समझाए और उसे समझ कर याद करने के लिए प्रेरित करे ।
  • बच्चे को मारे-पीटे नहीं बल्कि हमेशा प्यार से ही हैंडल करने की कोशिश करे ।
  • बच्चे को पढाने के लिए पैरेंट्स को खुद का स्टैमिना बढ़ाना होगा तभी आप बच्चे पर जल्दी जल्दी खिझेंगे नहीं ।
  • बच्चे की तुलना किसी और बच्चे के साथ न करे बल्कि उसके साथ मिलकर काम करने की कोशिश करे । उसे डरावा देकर न पढाये ताकि उसके मन में पढाई एक हौवे की तरह न बैठ जाये ।

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