ग्राइप वाटर बच्चे को कैसे दे और उसके फायदों के साथ होममेड टिप्स

बच्चे जब पैदा होते है तब ही डॉक्टर उनको ग्राइप वाटर देने की सलाह देते हैं । ग्राइप वाटर तो आप एक हफ्ते के बच्चे को देना शुरू कर सकते हैं । ग्राइप वाटर बच्चों को इस लिए दिया जाता है क्योंकि इससे बच्चे को गैस ,अपच या पेट फूलने की समस्या भी हो जाती है । ग्राइप वाटर देने से बच्चे भी दाँत ठीक से निकालते हैं क्योंकि ग्राइप वाटर देने  से बच्चे को तकलीफ नहीं होती और वो राहत महसूस करते है । आप बच्चे को दूध देने से 10 मिनट बाद भी ग्राइप वाटर दे सकते है क्योंकि ग्राइप वाटर बहुत ज़्यादा फायदेमंद होता है । इससे बच्चों को बहुत अच्छी नींद आती है ।

  • इससे बच्चों को हिचकी भी नहीं लगती ।
  • ग्राइप वाटर देने से बच्चों को मसूढों में दर्द नहीं होता और दस्त भी नहीं लगते ।
  • ग्राइप वाटर देने से बच्चे को पानी की कमी नहीं होती और उसे डिहाईडरेशन भी नहीं होती । ग्राइप वाटर बच्चे के अंदर नमी बनाये रखता है ।
  • ग्राइप वाटर बच्चे के अंदर ऐंठन नहीं होने देता ।
  • ग्राइप वाटर बच्चे का पाचन तंत्र ठीक रखता है और बच्चे को किसी भी तरह की एलर्जी भी नहीं होने देता ।
  • ग्राइप वाटर बच्चे को स्किन या किसी भी और तरह की एलर्जी नहीं होने देता ।
  • आजकल बाजार में वूडवर्ड्स ,मदर स्पर्श और डाबर के ग्राइप वाटर उपलब्ध है । इन में से कोई भी आप अपने बच्चे के लिए ले सकते है । यह सब बहुत ही फायदेमंद होते हैं  ।
  • ग्राइप वाटर देने से बच्चे को खुजली की समस्या भी नहीं  होती ।
  • ग्राइप वाटर की तासिर बहुत ठण्ड़ी होती है । अगर बच्चे  को खाँसी-जुकाम हो तो उन दिनों में उसे ग्राइप वाटर नहीं देना चाहिए क्योंकि इससे बच्चे को सर्दी ज़्यादा भी हो सकती है ।
  • बच्चे को कभी भी खाली पेट ग्राइप वाटर नहीं देना चाहिए यह नुकसान भी कर सकता है ।
  • यह बच्चे को पेट दर्द और गैस की समस्या नहीं होने देता ।
  • कई लोग बाजार की कोई भी चीज़ नवजात को देने में वहम करते है । जिस वजह से वो बच्चे को ग्राइप वाटर भी  नहीं देते तो उस समय आप उसके लिए आप घर पर भी  ग्राइप वाटर बना कर दे सकते है ।
  • ग्राइप वाटर बनाने के लिए एक पैन में थोड़ा सा पानी ले और उसे उबाल ले ।
  • एक सूती कपड़े में कैमोमाइल ,अदरक,सौंफ और इलायची बाँध ले ।
  • अब गैस बंद कर दे और पोटली को पैन में आधे घंटे के  लिए रख दे ।
  • फिर आधे घंटे बाद पोटली को निकाल ले और उसमें कोकोनट शुगर ,दालचीनी और लौंग डाले और फिर उसे एयरटाइट कंटेनर में डाल कर फ्रिज में रख दे ।
  • आपका होममेड ग्राइप वाटर तैयार है । आप इसे अपने बच्चे को एक हफ्ते तक पिला सकती है । आप रोज़ाना बच्चे को 1 चम्मच पिला सकती हैं । यह बहुत ही फायदेमंद होगा और इसे पिलाने से पहले बोतल को अच्छी तरह से  हिला ले और इसे देने से 10 मिनट पहले और बाद में बच्चे  को कुछ खिलाएँ-पिलाएँ नहीं । दूध भी नहीं दे ।

वैसे होम मेड ग्राइप वाटर बाजार के ग्राइप वाटर से ज़्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें पड़ने वाली चीज़ें अपने-अपने गुणों से भरपूर है जैसे लौंग पाचनशक्ति को मजबूत करती है । दालचीनी पेट की गैस को कम करती है और बच्चे को  अपच की समस्या नहीं होने देती । बच्चे को कैमोमाइल दर्द नहीं होने देती और शरीर को राहत देती है । सौंफ के गुण बच्चे के पेट में गैस नहीं बनने देते और अदरक बच्चे को हर प्रकार की इन्फैक्शन से बचता है और कोकोनट शुगर मिठास का काम करती है और यह फायदेमंद भी होती है । पर आप इसकी जगह कोई और नेचुरल स्वीटनर का इस्तेमाल भी कर सकती है पर ध्यान रखे ज़्यादा छोटे बच्चे को शहद न दे । कई बार यह नुकसानदायक भी हो सकता है ।

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