गर्भावस्था में पपीता खाना सुरक्षित है या नहीं ?

गर्भावस्था में पपीता खाना चाहिए या नहीं ?

गर्भावस्था में हर चीज बहुत सोच समझ कर खानी पड़ती है। कहीं आप कुछ ऐसा खाले जो बाद में आपके बच्चे के लिए नुकसानदायक हो तो अच्छा नही होता। इसलिए कहते है कि गर्भावस्था में सबसे ज़्यादा पपीता हानिकारक होता है । पपीता खाना बिल्कुल निषिद होता है ।

पपीते के नुकसान :

1. पपीते की तासीर बहुत गरम समझी जाती है । पपीते को पेट साफ़ करने या पेट संबंधी रोगो को ठीक करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है । इसलिए ऐसा कहते है कि पपीता खाने से गर्भपात भी हो सकता है ।
2. कच्चा पपीता बिलकुल भी नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसमें लेटेक्स बहुत ज़्यादा होता है और यह गर्भाशय के संकुचन का जिम्मेदार हो सकता है ।
3. पपीते में पपाइन नामक कमपाऊंड होता है जो शिशु के लिए बहुत घातक हो सकता है ।
4. पपीता खाने से पुरष नपुंसक हो सकते हैऔर स्पर्म काउंट कम हो सकता है । उनका मेटाबोलिज्म भी कम हो जाता है ।
5. इसको बहुत ज़्यादा खाने से बरथ डिफेक्ट्स भी हो सकते है ।
यह शरीर के लिए घातक साबित हो सकता है ।
6. यह भ्रूण विकसित होने में बाधा बन सकता है ।
7. पपीते के बीज और पत्ते मध्य तंत्रिका के लिए हानिकारक साबित हो सकते है ।
8. कई बार पपीता खाने से गर्भपात और समय से पहले प्रसव भी हो सकता है ।
9. पपीता शरीर के तापमान को बहुत बढ़ा देता है ।
10. यह पेट में पथरी भी करता है और उससे पेट में दर्द होती है इससे गर्भाशय पर असर पड़ता है ।
11. पपीता खाने से मधुमेह वाली गर्भावतियों को हानि हो सकती है।
12. पपीते का रस बिल्कुल भी नही पीना चाहिए क्योंकि उससे शरीर में पपाइन और लेटेक्स बहुत ज़्यादा हो जाता है जो बहुत ज़्यादा हानिकारक हो सकता है ।

अनचाही प्रेगनेंसी में पपीते के बीज:

ऐसा कहा जाता है कि पपीता नेचुरल बरथ कंट्रोल है जो लोग गर्भावस्था नहीं चाहते वो पिल्स लेने के बजाए पपीते के बीज सुखाकर पीस ले और उसका चुरन बनाकर ले उससे भी अनचाही प्रेगनेंसी नहीं होती है ।

  • लिवर सिरोसिस :

जो व्यक्ति बहुत ज़्यादा शराब पीता है उनका लिवर सुकड़कर इकठा हो जाता है । इससे बचने के लिए पपीते के बीज सुखा कर पीसले उसमें निम्बू का रस डाल कर पिए इससे भी आराम आता है ।

  • डाइजैसिटव सिस्टम :

अपने डाइजैसिटव सिस्टम को ठीक करने के लिए भी पपीता बहुत फायदेमंद है । इससे पाचन तंत्र बिलकुल ठीक रहता है ।

  • कैंसर सैल्स :

इससे कैंसर सैल्स और ज़्यादा नही फैलते और काफी हद तक ठीक रहते है इसे लेने से कैंसर काफी हद तक ठीक होता है ।

  • लैकटेटिंग महिलाएं :

जो महिलायें स्तनपान करवाती है उन्हें पपीता नहीं खाना चाहिए क्योकि यह शिशु का विकास नही होने देता और अंदर जा कर उन्हें नुकसान पहुंचाता है ।

  • प्रसव के बाद :

गर्भवती महिलाएं अपने प्रसव के बाद पपीता ले सकती है पर कोशिश करे पपीता पका हुआ हो कच्चा पपीता न खाये । वैसे पपीता विटामिन्स और खनिजों का स्तोत्र है इसलिए उसे खाने से कई बीमारियों से निजात भी मिलती है ।

पपीते के फायदे : वे इस प्रकार हैं :

  • पपीते से माहवारी :

पपीता खाने से माहवारी नियमित हो जाती है और पेट से जुडी सभी समस्याएं ठीक हो जाती है ।

  • पेट में अल्सर और कीड़े :

अगर आपके पेट में अल्सर है और बचे के पेट में कीड़े है तो पपीता जरूर ले इससे यह दोनो चीजे ठीक हो जाएँगी ।

  • जवान रहना :

पपीता में फाइबर भरपूर मात्रा में मिलता है जिससे व्यक्ति रोज़ाना खाने से जवान रहता है । पपीता व्यक्ति के चेहरे पर झुरियाँ नही आने देता और वो हमेशा एक सा ही लगता है ।

  • पाइल्स और नेत्र ज्योति :

जिन को पाइल्स रहती है या फिर जिनकी नेत्र ज्योति कमजोर है वो पपीता जरुर ले क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन और पोटासियम होता है ।

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