गर्भावस्था का नौवां महीना – लक्षण, बच्चे का विकास और शारीरिक बदलाव

pregnancy-ka-9th-month

आपकी प्रेग्‍नेंसी का नौ महीनों का सफर अब पूरा हुआ । बच्‍चा पूरी तरह विकसित हो चुका है । जल्‍द ही वह आपकी गोद में  होगा ।  प्रेग्‍नेंसी का नवां महीना मतलब आप अपनी ड्यू डेट के करीब हैं ।  अब तक आपके बच्‍चे का शारीरिक विकास पूरी तरह से हो चुका होगा । 

बच्‍चे का आकार : बच्‍चा लगभग 20 इंच की लंबाई पा चुका होगा । वजन करीब 3.5 किलो होगा । वैसे ढाई किलो से चार किलो तक वजन सामान्‍य माना जाता है । 

फेफड़े हो चुकें पूरे विकसित :

बच्‍चे के जन्‍म से पहले डॉक्‍टर इस बात को लेकर ज्‍यादा परेशान रहते हैं कि बच्‍चा तय समय से पहले पैदा न हो। ऐसा इसलिए क्‍योंकि सबसे आखिर तक फेफड़ों का विकास होता है। आपके पेट से बाहर आकर सबसे पहली सांस वह इन्‍हीं फेफड़ों के सहारे तो लेगा न। बहरहाल, इस समय तक उसके फेफड़े पूरे विकसित हो चुके हैं।

स्किन अब कम झुर्रीदार :

आखिरी महीने में बच्‍चे के शरीर में फैट जमा हो रहा है । खासकर उसके घुटनों, कोहनियों और कंधों के आसपास । लेकिन उसके शरीर पर चढ़ी हुई वसा की परत वह लगभग गायब हो चुकी है ।

जन्‍म लेने की पोजिशन में आएगा :

इसी समय वह जन्‍म लेने की पोजिशन में आ रहा है। इसे फीटल पोजिशन कहते हैं । इसमें बच्‍चा अपने पैर सिकोड़ कर घुटने नाक से लगा लेता है । सर को झुकाकर उसे बाहों से घेर लेता है । बच्‍चे की सिर की हड्डियां कोमल हैं इससे जन्‍म लेने में आसानी होती है ।

नीचे की ओर सरकेगा :

बच्‍चा आपके पेल्विस में नीचे की ओर खिसकता है। इससे पेट का उभार आपके सीने की जगह नीचे खिसक जाता है। अब आप बच्‍चे के जन्‍म के संकेतों का इंतजार कीजिए।

गर्भावस्था के नौवें महीने में लक्षण :

सबसे पहले तो यह जानना ज़रूरी है कि गर्भावस्था के नौवें महीने में क्या-क्या लक्षण नज़र आते हैं। नीचे हम इन्हीं लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं :

स्तनों से रिसाव :

जैसे-जैसे गर्भावस्था के आखिरी दिन पास आते हैं, गर्भवती के स्तनों से पीले रंग का स्राव होने लगता है ।

बार-बार पेशाब आना :

गर्भावस्था के नौवें महीने में जब शिशु का विकास पूरी तरह हो जाता है, तो श्रोणि भाग पर दबाव और तेज़ पड़ता है, जिस कारण बार-बार पेशाब आना सामान्य है ।

ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन :

गर्भावस्था के अंतिम समय में ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन बढ़ने लग जाते हैं। हालांकि, यह प्रसव पीड़ा जितने तीव्र नहीं होते, लेकिन पीड़ादायक ज़रूर होते हैं ।

शिशु का नीचे की ओर आना :

डिलीवरी के कुछ सप्ताह पहले आपको सीने में जलन व सांस लेने में तकलीफ जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इस दौरान शिशु जन्म के लिए अपनी स्थिति ले लेता है और नीचे श्रोणि भाग की ओर आ जाता है ।

पतला मल आना :

गर्भावस्था में पतला मल आना गर्भवती के लिए हैरानी की बात हो सकती है, क्योंकि पूरी गर्भावस्था में गर्भवती को कब्ज़ की समस्या रहती है। नौवें महीने में पतला मल होना प्रसव नज़दीक होने का एक लक्षण हो सकता है।

शिशु की गतिविधियों में बदलाव :

इस महीने तक शिशु की गतिविधियों में अंतर आएगा। जिस तरह वह पहले लगातार गतिविधियां करता था, अब उतनी नहीं करेगा। आखिरी दिनों तक शिशु का विकास पूरी तरह हो जाता है, इस वजह से उसे गर्भ में हिलने-डुलने की जगह नहीं मिल पाती। यही कारण है कि उसकी गतिविधियां कम हो जाती हैं।

योनि स्राव के साथ रक्त नज़र आना :

गर्भावस्था के नौवें महीने में योनि स्राव के साथ हल्का रक्त आ सकता है। यह प्रसव के कुछ दिन या कुछ सप्ताह पहले हो सकता है। हालांकि, ऐसा होना पूरी तरह सामान्य है, लेकिन अगर यह स्राव पीले रंग का होता है या इसमें दुर्गंध आ रही हो, तो डॉक्टर को संपर्क करना चाहिए ।

गर्भावस्था के नौवें महीने के लक्षण :

  • इस महीने तक गर्भवती का कुल वज़न 11 से 16 किलो के बीच बढ़ जाता है ।
  • इस दौरान नितंब तंत्रिका पर दबाव पड़ने के कारण पीठ में तेज़ दर्द हो सकता है ।
  • इस महीने तक गर्भवती का श्रोणि भाग खुलने लगता है ।
  • जैसे-जैसे प्रसव का समय नज़दीक आएगा, गर्भवती का तनाव बढ़ सकता है, लेकिन गर्भावस्था के कारण चेहरे पर नूर बरकरार रहेगा ।
  • इस महीने तक गर्भवती के लिए झुकना बिल्कुल मुश्किल हो जाएगा । इस महीने तक कुछ गर्भवती महिलाओं को शरीर में और बाल महसूस हो सकते हैं, खासतौर पर चेहरे और निप्पल के आसपास ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top