गर्भावस्था में ब्रेन स्ट्रोक के कारण और लक्षण

गर्भावस्था में ब्रेन स्ट्रोक का मतलब है दिमाग की किसी नाली में ब्लॉकेज होनी या फिर नाली का फट जाना इस वजह से किसी भी व्यक्ति को दिमागी हानि हो सकती है और वो पागल हो सकता है विकलांग हो सकता है या फिर उसकी मृत्यु भी हो सकती है। हमारे भारत में आजकल ब्रेन स्ट्रोक के बहुत ही ज़्यादा मामले सामने आ रहे है जिसकी वजह है ज़्यादा तनाव ,ठीक से नींद पूरी न होनी ,दिमागी बीमारी से ग्रसित होना या अधिक डिप्रेशन हो जाना ।

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इसके लक्षण : 

  • शरीर के किसी भी हिस्से में सुन्न महसूस होना।
  • बोलने और समझने में परेशानी होना।
  • आँखों के आगे अँधेरा आ जाना या धुँधला दिखाई पड़ना।
  • गम्भीर सिरदर्द होना।
  • उलटी आनी या चक्कर महसूस होने।
  • संतुलन बिगड़ जाना।
  • अगर कभी भी इनमें से कोई लक्षण नज़र आए तो बिलकुल लापरवाही न करते हुए मरीज़ को डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए

अगर स्ट्रोक हो जाये तो कैसे पता लगाया जाता है :

  • सबसे पहले तो आपकी शारीरिक जाँच की जायगी ताकि आपके शरीर के बदलावों के बारे में पता लगाया जा सके।
  • फिर आपके खून की जाँच की जाएगी ताकि खून के थक्के जम रहे हों तो पता लगाया जा सके।
  • उसके बाद आपके दिमाग का आईटी स्कैन और एक्स रे उतारी जाएगी ताकि दिमाग में होने वाले रक्स्राव का अंदाज़ा लगाया जा सके और स्ट्रोक और टयूमर जैसे बीमारियों को वक़्त रहते ठीक  किया जा सके ।
  • फिर आपके दिमाग की ऍमआरआई भी कराई जाती है ताकि आपके शरीर की सभी धमनियों की होने वाली हलचल का पता लगाया जा सके।
  • फिर आपकी कैरोटिड अल्ट्रासाउंड भी की जाती है ताकि आपके दिमाग का स्कैन लिया जा सके।
  • अब आपका सेरिब्रल एँजियोग्राम करवाया जाएगा जिसमें आपकी दिमाग से लेकर गर्दन तक की धमनियों को देखा जा सकेगा।
  • फिर इकोकार्डियोग्राम भी करवाना बहुत जरूरी होता है और इसे इसलिए करवाते है क्योकि दिल की नस दिमाग से मिलती है तो अगर कोई खून का थक्का दिल में हो तो उसे भी ठीक किया जा सके।
  • अब आपका ट्रांससीआइसोफोइगल इकोकार्डियोग्राम कराया जाएगा जिसमें नाली के मुँह के पिछले हिस्से  से लेकर पेट पर आकर मिलेगा।

इसमें क्या खायें और क्या नहीं ?

  • सबसे पहले तो आप स्ट्रोक से बचाव के लिए साबुत अनाज जरूर खाये यह बहुत गुणकारी होता है। 
  • आप फाइबरयुक्त भोजन भी जरूर ले।
  • आप सेब जरूर खाए।
  • आप ओट्स ,सोया भी जरूर ले।
  • आप थोड़े से सूखे मेवे भी खा सकते है।
  • आप फोलेट से भरपूर आहार ले ।
  • आप पोटैशियम वाले आहार जरुर ले।
  • आप विटामिन बी भी जरूर ले।
  • आप जौ और भुटा भी जरूर खाये।
  • आप ओमेगा 3 फैटी एसिड लेने के लिए  सालमन मछली जरूर ले 
  • आप बिल्कुल भी अधिक नमक न ले ।
  • आप कैल्शियम और मैग्नीशियम वाले आहार भी जरूर ले ।
  • आप मछली खा सकते है यह फायदेमंद होती है।
  • आप हल्का मांस भी ले सकते है।
  • आप फल और हरी सब्जियों पर ध्यान दे ।

क्या न खाये :

  • आप ज़्यादा नमक और शक्कर वाले पदार्थ न ले।
  • आप ज़्यादा फैटी वसा वाली चीजें भी बिल्कुल न खाए।
  • आप धूम्रपान न करे।
  • आप नशीली दवाइयों से दूर रहे।
  • अपना वजन बिलकुल भी न बढ़ने दे।
  • अपना बीपी ,शुगर और कोलेस्ट्रॉल भी ठीक रखें और समय समय पर अपनी जाँच करवाते रहे।

कुछ थैरपिज़ जो मरीज को ठीक करने के लिए करवाई जाती है :

म्यूजिक थैरेपी : ऐसा कहा जाता हैं की ब्रेन स्ट्रोक से ग्रसित व्यक्ति अगर म्यूजिक थैरेपी की सहायता लेता है तो उसे बहुत फायदा होता है । हल्का म्यूजिक दिमाग को तनाव मुक्त करता है और हमारे शरीर को स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी से बाहर निकलने में मदद करता है ।

स्पीच और लैंग्वेज थैरेपी : यह दोनों बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योकि  जो व्यक्ति स्ट्रोक होने की वजह से बोलने में दिक्कत महसूस करे । उसकी यह थैरपीज़ करवाई जाती है और वो धीरे धीरे पहले जैसे होने लगता है ।

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