मीनोपॉज क्या है – लक्षण,कारण,परेशानियाँ और संतुलित खुराक

मीनोपॉज का मतलब है पीरियड्स का बंद हो जाना । अगर आप को एक साल तक मासिक धरम  नहीं होता तो उसका मतलब आपका मीनोपॉज हो गया है। यह ज़्यादातर 50 साल की उम्र तक हो जाता है ।  मेनोपॉज़ होने से औरतों में ओवुलशन भी बंद हो जाता है और फिर वो गर्भवती नहीं हो सकती । इसके लिए कोई भी इलाज नहीं है । यह प्राकृतिक नियम है जो समय के अनुसार चलता है। अपने आप जब लड़कियों के होर्मोनेस चेंज  होते है तो उनको मासिक धरम  शुरू हो जाता है और अपने आप ही प्राकृतिक  रूप से मीनोपॉज हो जाता है ।

मीनोपॉज के लक्षण :

  • योनि में सूखापन  आ जाना ।
  • सिरदर्द होना ।
  • नींद न आना ।
  • हड्डियाँ दर्द होना ।
  • शरीर में ज़्यादा गर्माहट महसूस होनी ।
  • कामेच्छा  की कमी होनी ।
  • योनि में दर्द रहना ।
  • योनि के पास जलन और खारिश होनी ।
  • ज़्यादा पेशाब आना ।
  • सेक्स के दौरान बहुत दर्द । 
  • यूरिन इन्फेक्शन । 
  • डिप्रेशन या मूड स्विंग होने ।
  • चिड़चिड़ा रहना ।
  • एस्ट्रोजेन की कमी होना ।
  • बाल झड़ने ।

मीनोपॉज से उत्पन्न होने वाली समस्याएँ :

कैल्शियम

कैल्शियम से हम मीनोपॉज को बहुत जल्दी होने से रोक सकते है क्योंकि यह हड्डिया मजबूत करने में सहायता करता है । तो जब होर्मोनेस बदलते है तो कैल्शियम की कमी न होने पर हमे मस्ल पेन नहीं होते ।

विटामिन डी :

विटामिन डी लेने से हमारे पोषक तत्व  पूरे होते है और शरीर तंदरुस्त रहता है ।

हरी पत्तेदार सब्जियाँ :

हरी पत्तेदार  सब्जियाँ खाने से हमारा वजन ठीक रहता है । हमारा शरीर हृदय रोग से बचा रहता है । ताज़े फल,सूखे मेवे  कमर के पास चरबी बढ़ने नहीं देती और व्यक्ति मधुमेह से बचा रहता है । आपका बीपी कण्ट्रोल रहता है और शरीर चुस्त रहता है ।

ताज़ी सब्जियाँ :

ताज़ी सब्जियाँ खाने से कैलोरीज ठीक रहती है । हड्डियाँ मजबूत रहती है और वजन ठीक बढ़ता है ।

हानिकारक भोजन :

हमे ऐसे भोजन से बचना चाहिये जो शरीर के लिए हानिकारक हो । इनमें कैफीन , तला मसालेदार भोजन ,तम्बाकू ,अल्कोहल , बहुत ज़्यादा मीठा या खट्टा खाना आदि हो सकता है । इससे बहुत ज़्यादा पसीना आ सकता है ,मूड स्विंग्स हो सकते है और शरीर को ज़्यादा गर्मी लग सकती है ।

व्यायाम

आपको नियमित तौर पर व्यायाम  करते रहना चाहिए क्योकि ऐसा करने से ऊर्जा बनी रहती है और मेटाबोलिज्म भी ठीक रहता है। इससे हमारा तनाव ठीक रहता है और मन भी प्रफुल्लित होता है । इससे हड्डिया मजबूत रहती है और नींद ठीक से आती है। इससे कई बीमारियाँ कोसों दूर रहती है । मोटापा ,मधुमेह ,कैंसर ,दिल के रोग और उच्च रक्तचाप आदि भी ठीक हो जाते है ।

फाइबरयुक्त :

अपने आहार में फाइबर  जरूर शामिल करे । इससे भी शरीर स्वस्थ रहता है ।

पानी

पानी भी खूब पिए । इससे  शरीर को डिहाइड्रेशन  नहीं होती । शरीर कई बीमारियों से दूर रहता है । शरीर का सूखापन कम हो जाता है । इससे शरीर की सूजन भी कम हो जाती है और  वजन नियन्त्रित होता है ।

प्रोटीन : 

प्रोटीन युक्त भोजन जरूर ले । इस लिए अंडे ,मांस ,मछली ,नट्स जरूर खाये । इससे आप स्वस्थ रहेंगी ।

ग्रीन टी 

ग्रीन टी जरूर ले । इससे आपका इम्यून सिस्टम  मजबूत रहेगा ।

बदलाव शरीर में मेनोपॉज के बाद :

एस्ट्रोजन शरीर को स्वस्थ रखते है पर जब शरीर में रक्तस्त्राव कम हो जाता है तो हमारे दिल को खून पंप करने के लिये बहुत ज़ोर लगाना पड़ता है । इससे बढती उम्र के साथ दिल के रोग और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियाँ हो जाती है । मेनोपाॅज के बाद कई बार आपको सांस लेने में दिक्कत भी हो सकती है । आपको सिर दर्द ,घबराहट और नींद न आने की परेशानी हो सकती है । आपको चक्कर भी आ सकते है और दिल भी मिचला सकता है ।

ठीक रखने के उपाय :

  • आप समय -समय पर बीपी चेक करवाते रहे।
  • रोज़ 20 – 25  मिनट व्यायाम जरूर करे ।
  • साबुत अनाज ,फल और ताज़ी मौसमी सब्जियाँ जरूर  ले । 
  • दूध ,दही और चीज़ भी ले ।
  • डिब्बाबंद चीजों से बचे ।

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