गर्भपात क्या है-लक्षण,कारण, खतरा और बचाव

क्या आप भी अपनी तीन महीने की प्रेगनेंसी में मिसकैरिज झेल चुकी है : 

मिसकैरिज एक ऐसा श्राप है जो एक उम्मीद पाल रही गर्भवती को अचानक से अंधेरे में धकेल देती है । ये उतना ही कड़वा सच है जितना इस दुनिया में जहर । कोई भी औरत जब गर्भ धारण करती है तो वो एक गर्भ के साथ एक उम्मीद पालना शुरू कर देती है और जब उसका अंत हो जाता है तो वो बहुत निराश हो जाती है ।

मिसकैरिज क्या है :

अगर गर्भवती का भ्रूण 20 हफ्ते न काट पाए या उसके बाद ही उसकी मौत हो जाए तो उसे ही मिसकैरिज कहते है। इसे प्रेगनेंसी लोस भी कहते  है ।

मिसकैरिज के लक्षण :

  • एकदम से ब्लीडिंग शुरू हो जाना ।
  • स्पॉटिंग में खून अधिक आना ।
  • पेट बहुत ज़्यादा दर्द होना ।
  • खून के साथ टिश्यू का निकलना ।

मिसकैरिज के कारण :

  • इसका एक कारण गर्भवती का नशीली दवाईयां खाना भी हो सकता है। इसलिए गर्भवती को शराब और सिगरेट से दूर रहना चाहिए ।
  • किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी भी गर्भपात का कारण बन सकती है ।
  • अगर बच्चेदानी कोई रोग से संक्रमित हो तो भी गर्भपात होने के  आसार होते है ।
  • किसी जहरीली गैस की गंध अंदर जाने से भी गर्भपात हो सकता है।

मिसकैरिज से बचाव :

  • खुद को मिसकैरिज से बचाने के लिए पहले खुद को गर्भावस्था के लिए तैयार करे ।
  • गर्भधारण से पहले अपने पेट की मालिश नियमित तौर से  करे ।
  • प्रजनन शक्ति बढ़ाने लिए पोषक तत्व खाए ।
  • विटामिन ई अपने आहार में ज़रूर शामिल करे ।
  • तनाव से दूर रहे ।
  • उछल कूद न करे ।
  • कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न ले ।
  • सम्भोग करने से बचे ।

गर्भपात के बाद की सावधानियाँ : वे कुछ इस प्रकार है :

  • गर्भपात के तुरंत बाद गर्भधारण की कोशिश न करे ।
  • ज़्यादा से ज़्यादा पोषक तत्व ले ।
  • तनाव न रखे ।
  • आराम पर ध्यान दे ।
  • नशीली दवाईयों से दूर रहे ।
  • सिगरेट- शराब न ले ।
  • फोलिक एसिड को अपनी खुराक में शामिल करे।
  • दूध- दही और पनीर जरुर ले ।
  • ज़्यादा सोचे नहीं ।
  • हरी सब्जियों पर ध्यान दे ।
  • तला भुना भोजन न ले ।
  • ब्राउन राइस ही खाये ।
  • मीठा न खाये
  • नियमित  रूप से व्यायाम करे ।
  • कच्चा मांस- मछली न खाए ।

गर्भ धारण करने की सही उम्र क्या है ?

अगर आप 40 साल या उसके बाद गर्भ धारण करने की सोच रहे ही तो संभल जाइये ! क्योकि इस उम्र में गर्भ धारण करना मुश्किलों को चुनौती देना जैसे होता है । इस उम्र में गर्भाशय की परत बहुत  मोटी हो जाती है और उसमें रक्त संचार भी कम ही जाता है । इस वजह उसमें अंडे प्रत्यारोपण करने की क्षमता कम हो जाती है ।

अधिक उम्र में गर्भ धारण के फायदे :

  • वैसे तो अधिक उम्र में बच्चा  पैदा करना किसी जोखिम से कम नहीं। पर अगर किसी कारणवश आप इस उम्र में अपने बच्चे को जन्म देती है तो इसका सबसे बड़ा फायदा होगा माँ – बाप का अपने बच्चें के लिए भरपूर समय का होना । इस उम्र में काफी हद तक हरेक के पास समय की कमी नहीं होती ।
  • इस उम्र में गर्भ धारण करने का अन्य फायदा है बच्चे को सारी सुविधाएं प्रदान करना ।

नुकसान :

  • सबसे पहले तो यह महिला के शरीर के साथ खिलवाड़ है ।
  • अधिक उम्र में गर्भ धारण करने से बच्चा कई विकारों से ग्रसित  पैदा हो सकता है ।
  • आपको बीपी या मधुमेह जैसी बीमारी हो सकती है ।
  • इस उम्र  में नार्मल डिलीवरी के चान्सेस बहुत कम होते है ।
  • इस उम्र में अंडो के प्रत्यारोपण की क्षमता भी कम होती जाती है ।
  • उम्र बढ़ने के साथ अंडो की संख्या भी कम हो जाती है ।
  • इस समय गर्भपात के बढ़ने की आशंका हो जाती है ।
  • आपका बीएमआई सही होना चाहिए यानि अपनी लम्बाई के हिसाब से ही आपका वज़न होना चाहिए । अगर ज़्यादा है तो पहले इसे थोड़ा कम करके ही गर्भ धारण करना चाहिए ।

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