पैनक्रियास क्या है -लक्षण ,प्रभाव और इलाज

पैनक्रियाटाइटिस एक पेट की ग्रंथि होती है जो छोटी आंत के बगल में होती है पैंक्रियाटाइटिस । पैंक्रियास में सूजन को कहते है पैंक्रियास । उन एन्ज़ायमों का उत्पादन करते है जो हमारे शरीर में पाचन क्रिया को चलाते है । इससे हमारे शरीर की प्रक्रिया चलती है । यह दर्द यह कुछ दिनों के लिए भी होती है और कई सालों के लिए भी इसलिए जब यह दर्द अचानक उठती है तो यह कहना असंभव होता है कि कुछ देर में चली जाएगी या सालो तक परेशान करेगी ।

क्या है इसके लक्षण :

  • सबसे पहले तो आपके पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होनी शुरू हो जाएगी यह हल्के से बहुत तेज़ होता जाती है और यह दर्द पीछे की तरफ जाता है ।
  • आपको जी मिचलाना या उलटी भी हो सकती है ।
  • खाने से दर्द बढ़ जाना ।
  • बुखार महसूस होना और ठंड लगनी ।
  • पेट को हाथ लगाते समय दर्द अनुभव होना ।
  • वजन घटना शुरू हो जाना ।
  • दुर्गंन्धित मल आना ।
  • कुछ -कुछ समय में दर्द अनुभव होना ।

इसके परहेज :

  • सबसे पहले तो आपको बाहर का खाना मसालेदार ,तला -भुना आदि खाना नुकसानदेह हो सकता है ।
  • आपको बिल्कुल भी तेल और फ्राइड वाली चीज़ें नहीं खानी चाहिए ।
  • आपको गलती से भी वो चीज़ें जों मना की गयी हो नहीं लेनी चाहिए नहीं तो आपका दर्द लौट आएगा ।
  • अगर आपको खाने पीने में दिक्कत हो रही हो तो आप डॉक्टर से परामर्श भी ले सकती है ।
  • अगर किसी को साँस की तकलीफ होती है तो ऑक्सीजन चढ़ाया जाता है ।
  • आपको समय समय पर दवाइयाँ भी लेने पड़ती है नहीं तो आप बीमार हो सकते है ।

इसका इलाज कैसे होता है ?

  • आपके शरीर में क्या और कितने संक्रमण है जानने के लिए आपका  रक्त परीक्षण किया जाता है ताकि आपके खून में पाए जाने वाले एनजाइमस को देखा जाए ।
  •  फिर आपका फीकल फैट परीक्षण किया जाता है जिसमें यह जाना जाता है कि आपके शरीर में फैट सामान्य से कम है या अधिक है और कितना अधिक है ।
  • फिर पेट का अल्ट्रासाउंड किया जाता है ।
  • पेट की स्कैन और इंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड भी करवाई  जाती है बाकि की चीज़े जानने के लिए ।
  • एमआरआई भी कराई जाती है ।

खाने की कुछ जरूरी बातें:

  • सबसे पहले तो आप ताज़े फल और सब्जियाँ खाये ।
  • कम वसा वाले डेयरी उत्पाद ले ।
  • प्रोटीन से भरी हुई चीज़ें खाये ।
  • आप दलिया जरूर ले ।
  • आप पतली खिचड़ी भी खा सकते है ।
  • आप को बिलकुल पापड़ करके रोटी खानी चाहिए ।
  • आपको कुछ देर पैदल चलना चाहिए और योगासन भी जरूर करे ।
  • आपको वो गतिविधियाँ जो आपके पेट को नुकसान पहुंचाए बिलकुल भी नहीं करनी चाहिए ।
  • आपको नृत्य आदि नहीं करना चाहिए ।
  • आपको कोई भी उछल कूद नहीं करनी चाहिए ।
  • आप बाहर का खाना न खाए ।
  • वसायुक्त चीजों से दूर रहे ।
  • तले हुए और मसालेदर भोजन न ले ।
  • एवोकेडो फल न ले ।
  • आपको मीठे और नमक से दूर  ही रहना चाहिए ।
  • आपको मेवों से भी दूर रहना चाहिए ।
  • आपको मांस का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • अंडे भी न खाये ।
  • ज़्यादा से ज़्यादा परहेज करे ।
  • अपना वजन न बढ़ने दे ।
  • नियमित रूप से व्यायाम करे ।
  • अपने बीपी और शुगर को ठीक रखे ।

पैनक्रियाटाइटिस दो प्रकार के होते है :

  • एक्यूट पैंक्रियास : इस एक्यूट पैनक्रियास में दर्द अचानक से उठती है और कई दिनों तक चलती है इस दर्द को ठीक होने में कई दिन लग जाते है । इससे पेट और पैंक्रियास दोनों में सूजन आ जाती है और यह बहुत दुखदायक होता है ।
  • क्रोनिक पैनक्रियास : जब सूजन और दर्द बहुत लम्बे समय के लिए बढ़ जाये और ठीक न हो रही हो तो उसे ही क्रोनिक पैंक्रियास कहते है । जब एक्यूट पैंक्रियास की स्टेज पर कोई व्यक्ति ठीक नहीं होता तो उसे क्रोनिक बताया जाता है । इसका मुख्य कारण शराब पीना भी हो सकता है ।

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