क्या है बाँझपन – लक्षण, कारण और इलाज

बाँझपन एक ऐसी समस्या है जिसके चलते एक औरत चाह कर भी गर्भ धारण नहीं कर  पाती । इस वजह से कई बार उन्हे मायूसी का सामना करना पड़ सकता है  । माँ बनने का सपना हर औरत का होता है  पर जब कुछ कारणों की वजह से वो माँ नहीं बन पाती तो उसे कहते है बाँझपन ।

बाँझपन – औरतों और मर्दों मेंयह केवल औरतों में ही नहीं मर्दों में भी हो सकता है ।अगर बाँझपन की समस्या औरतों में हो तो यह लक्षण दिखाई पड़ सकते है :

  • बाल झड़ना ।
  • अचानक से वजन बढना ।
  • मासिक धर्म आते समय अधिक दर्द ।

बाँझपन में मर्दों के लक्षण :

  • अंडकोष में सूजन या गांठ का होना ।
  • यौन संबंधों में बदलाव ।

बाँझपन के कारण :

पुरषों में :

  • शुक्राणुओं की संख्या कम होना ।
  • शुक्राणुओं का आकार ज़्यादा छोटा होना ।
  • शुक्राणुओं का न होना ।

औरतों में :

  • मासिक धर्म ठीक से न आना ।
  • गर्भाशय में दिक्कत का होना ।
  • होर्मोनेस असंतुलित हो जाना ।

उपचार :

  • दवाई खाना : बाँझपन को ठीक करने के लिए हमे डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और उसके कहे मुताबिक ही दवाई खानी चाहिए
  • डार्क चॉकलेट : डार्क चॉकलेट शुक्राणुओं को बढ़ाने का काम करती है इसलिए डार्क चॉकलेट खाने से भी बांझपन को रोका जा सकता है ।
  • केला : केला शरीर की प्रजनन शक्ति बढ़ाने में कारगर सिद्ध होता है
  • विटामिन डी लेना : बाँझपन को दूर करने के लिए विटामिन डी या धूप ज़्यादा से ज़्यादा लेने का  प्रयास करे ।
    अगर इन सबके बावजूद कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता हो तो डॉक्टर की सलाह से कोई मेडिकल ट्रीटमेंट अवशय लेना चाहिए

क्या है आई वी एफ – आई वी एफ यानि इन वेटरो फर्टिलिटी । यह एक ऐसा वरदान है उन दंपतियों के लिए जो किसी न किसी कारण  से गर्भ धारण नही कर सकते । आजकल आई वी एफ की मदद से नकली गर्भधारण करवाया जा सकता है ।

आई वी एफ की प्रक्रिया – इसमें औरत के अंडे और पुरष के शुक्राणुओं  को ले कर एक गिलास में फर्टिलाइज़ करवाया जाता है और फिर औरत के शरीर में प्रत्यारोपण कर देते है जो आगे चलकर एक शिशु  का रुप धारण कर लेता है ।

  • सबसे पहले पुरष के अच्छे और बेकार शुक्राणुओं  में से अच्छे वाले रख लिए जाते है और बेकार वाले फेंक दिए जाते है ।
  • फिर इंजेक्शन की मदद से औरत के शरीर से अंडे निकाल लिए जाते है ।
  • फिर उन अंड़ों को फ्रीज करते है ।
  • फिर लैब में पेट्री डिश में अंडे के ऊपर शुक्राणु को रखा जाता है ताकि वो अपने आप फर्टीलाइज हो सके ।
  • ऐसा करने के बाद कम से कम 5 दिन अंडे फ्रीज क़र के औरत के गर्भ में डाल दिए जाते है क्योकि 5 दिनो के बाद उस गर्भ के पलने के चांस अधिक बढ जाते है ।

सेरोगेसीबाँझपन दूर करने  का एक और उपाय है – सेरोगेसी यानि किसी और की गोद । इसमें माँ -बाप का सेरोगेट मदर के साथ कोई रिश्ता नहीं होता वो तो बस उनका बच्चा  अपनी कोख़ में पालती  है और जन्म देकर उनको सौंप देती है ।

आई यू आईप्रजनन की कमी को दूर करने  का एक और उपाय है आई यू आई यानि इंट्रा यूट्रीन इनसेमिनेशन । इसमें भी पुरष के शुक्राणुओं को औरत के अंडे के साथ फर्टीलिज़ करवा कर गर्भाशय के भीतर रख दिया जाता है ।

प्रजनन शक्ति बढ़ाने के प्राकृतिक तरीके :

    • अंगूर का रस : ये रस शुक्राणुओं को जीवित रखने में मदद करता है।
    • खजूर : इसमें पाए जने वाले पोषक तत्व माहवारी को नियमित करते है और गर्भ धारण में सहायक होते है।
    • सेंधा नमक : सेंधा नमक पानी में घोलकर पीने से भी शरीर में जरूरी तत्व पूरे होते है।
    • अनार  : यह एक ऐसा फल है जिसे जीवन पूरक भी कहते है । इसलिए इसे  खाने से शरीर स्वस्थ होता है और गर्भाशय मजबूत बनता है ।

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